हरनौत: शहीद भगत सिंह जयंती पर इंकलाब मार्च, चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन
हरनौत (नालंदा):
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत नालंदा जिले के हरनौत बाजार में सोमवार को जोरदार इंकलाब मार्च निकाला गया। मार्च का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं हरनौत निवासी बिरेश कुमार ने किया।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया।
मार्च को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बिरेश कुमार ने कहा:"आज पूरा देश अमर शहीद भगत सिंह को याद कर रहा है, किंतु यह विचारणीय है कि क्या आज उनके सपनों का भारत बन रहा है? भगत सिंह ने जिस शोषणमुक्त समाज और जन-अधिकारों का सपना देखा था, उस पर कुठाराघात किया जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर राज्य में लाखों निर्धनों, श्रमिकों, दलितों एवं वंचित वर्गों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर जनमत के साथ धोखा है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष कार्य करने के बजाय सत्ता के दबाव में कार्य कर रहा है। उन्होंने काटे गए सभी वास्तविक मतदाताओं के नाम पुनः सूची में जोड़ने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं भाकपा-माले के युवा नेता राजेश रविदास ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार भगत सिंह का मानना था कि सच्ची आजादी वह है जहां मुट्ठी भर लोग बहुसंख्यक समाज का शोषण न कर सकें। आज लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता खतरे में है। जिस तरह हमारे पूर्वजों ने विदेशी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष किया था, उसी तरह आज जन-अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
इस विशाल विरोध मार्च में संजय कुमार, बबलू मांझी, विलास मांझी, रामप्रवेश मांझी, मिथलेश कुमार, रिंकू देवी, प्रवीला देवी, जीरा देवी, कुसुम देवी, सोना देवी सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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