बिहारशरीफ में BSRTC बसों का चक्का जाम: पटना रूट पर 40 से ज्यादा बसें ठप, मारपीट, वेतन में देरी और रूट विवाद से कर्मचारी आक्रोशित
बिहारशरीफ।
बिहारशरीफ बस स्टैंड पर मंगलवार को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। निजी बस संचालकों की दबंगई, मारपीट और विभागीय अनदेखी के खिलाफ सरकारी बसों के चालकों और संवाहकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इस अचानक हुई हड़ताल से पटना-बिहारशरीफ रूट पर चलने वाली लगभग 40 सरकारी बसों के पहिए थम गए हैं, जिससे यात्रियों, मरीजों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निजी संचालकों की गुंडागर्दी और रास्ते में यात्रियों को उतारने का आरोप
हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि पटना के कुम्हरार, राजेंद्र नगर और भूतनाथ रोड के पास निजी बस संचालक दबंगई करते हैं। चालकों के अनुसार, पटना जाने वाली सरकारी बसों को गांधी मैदान या मल्टीमॉडल हब तक नहीं जाने दिया जाता और बीच रास्ते में रोककर चालकों-संवाहकों के साथ मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं, सरकारी बसों में बैठी सवारियों को भी जबरन पहाड़ी के पास उतार दिया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को पिछले 15 दिनों से इसकी जानकारी दी जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
16 घंटे की ड्यूटी, वेतन में देरी और किराये का असंतुलन पर कर्मचारियों ने विभागीय कुव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं:
अत्यधिक ड्यूटी और वेतन संकट:8 घंटे की जगह 12 से 16 घंटे तक काम कराया जा रहा है, फिर भी समय पर वेतन नहीं मिलता। एजेंसियों के पास संचालन जाने के बाद वेतन महीने की जगह 28-30 तारीख को दिया जा रहा है।
किराये में बड़ा अंतर:सरकारी बसों का किराया 148 से 172 रुपये है, जबकि प्राइवेट बसें 100 से 120 रुपये में सफर करा रही हैं। महंगे किराये के कारण सवारियां कम मिलती हैं, फिर भी विभाग की ओर से कर्मचारियों पर टिकट बिक्री का टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जाता है।
यात्रियों की फजीहत, विभाग की चुप्पी
बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों को हड़ताल के कारण अचानक भटकना पड़ रहा है। दिल्ली की फ्लाइट पकड़ने जा रहे सुरेश कुमार जैसे कई दैनिक यात्रियों को मजबूरी में महंगे प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
मामले पर बिहारशरीफ बस स्टैंड के क्लर्क अरुण कुमार ने हड़ताल की पुष्टि करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाओं के कारण संचालन रोका गया है और वरीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। जब तक सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर ठोस निर्णय नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी।

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